सभी ज्योतिष मित्रों को मेरा निवेदन हे आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे में किसी के लेखो की कोपी नहीं करता, किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही हे कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्त्ता भाई और आगे भी नही बढ़ता , आप आपके महेनत से तयार होने से बहुत आगे बठा जाता हे धन्यवाद ........
जय द्वारकाधीश
।। श्री गरुड़ पुराण प्रवचन ।।
#मादा_बिच्छू_के_जन्म_का_दुःख
जब मनुष्य जन्म में कैसा पाप धर्म होता है उसके कर्म के आधारित ही नया जन्म के शुरुआती होती है ।
इस जन्म के आधारित जितना पाप पुण्य किये हो इसका फल इस जन्म में मिल जाय या तो नया जन्म भी उसका लेनदेन का हिशाब अचूक चूकते करना ही पड़ता है।
इसकी अस्थिमज्जा पर मौजूद ये इसके बच्चे हैं।
ये जन्म लेते ही अपनी मां की पीठ पर बैठ जाते हैं और उसके शरीर को ही खाना प्रारम्भ कर देते हैं।
तब तक खाते हैं।
जब तक कि उसकी केवल अस्थियां ही शेष ना रह जाए।
वो तङपती है ।
कराहती है ।
लेकिन ये पिछा नहीं छोङते ।
नीचे दिया गया चित्र एक मादा बिच्छु का है ।
और पलभर में नही मार देते बलकि कई दिनों तक यह मौत से बदतर असहनीय पीङा को झेलती हुई दम तोङती है।
लख चौरासी के कुचक्र में ऐसी ऐसी असंख्य योनियां हैं ।
जिनकी स्थितियां अज्ञात हैं ।
कदाचित् इसीलिए भवसागर को अगम अपार कहा गया है।
गरुड़ पुराण एवं ऋषिमत के मुताबिक।
यह भी इन्सानी जूनीं मे किए गये कर्मों का ही भुगतान है।
इन्सान इस मनुष्य जीवन में जो कर्म करेगा ।
नाना प्रकार की असंख्य योनियों में इन कर्मों के आधार से ही उसे दुःख सुख मिलते रहेंगे।
चलती चक्की देखकर दिया कबीरा रोय
दोय पाटन के बीच में।
साबुत बचा ना कोय।
जय श्री कृष्ण...!
🙏🙏🙏【【【【【{{{{ (((( मेरा पोस्ट पर होने वाली ऐडवताइस के ऊपर होने वाली इनकम का 50 % के आसपास का भाग पशु पक्षी ओर जनकल्याण धार्मिक कार्यो में किया जाता है.... जय जय परशुरामजी ))))) }}}}}】】】】】🙏🙏🙏
पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर:-
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:-
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(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science)
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नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏
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